जून-जुलाई 2020 (संयुक्तांक)
अंक - 61 | कुल अंक - 63
प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

जयतु संस्कृतम्
मनोविलास:
 
लोका नित्यं वदन्त्येव न कुर्वन्ति कदापि ते।
करिष्यन्ति यदा ते$त्र वदिष्यन्ति तदा कथम्।।1
 
केवलं वदतो नित्यं समस्या प्राणघातिनी।
कुर्वतोर्भयभीता सा समस्या पादसेविका।।2
 
डुकृञस्य प्रसादेन जीवनं जीवनं भवेत्।
वद्धातो: प्रसादेन सम्बन्ध: स्थिरतां ब्रजेत्।।3
 
उभयोस्सम्बन्धबन्धेन वासन्तं जीवनं वनम्।
बन्धाभावाद् वने नूनं ग्रीष्म: पावसो$थवा।।4
 
भाषणेन सदा राजा कार्येणाथ सदा प्रजा।
जीवत्यत्र तयोरैक्यं वन्ध्याजातकगात्रवत्।।5
 
यस्तदैक्यविलासार्थी सुखं व्याख्याति तत्त्वत:।
तन्मनोमोदनायैव पुष्प्यत्याकाशवल्लरी।।6

- डॉ. निरंजन मिश्र