हस्ताक्षर : मासिक साहित्यिक वेब पत्रिका

अप्रैल 2020
अंक - 59 | कुल अंक - 60
प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

लॉकडाउन से उभरते प्रश्न
लॉकडाउन में एक माह बिताने के बाद कई महत्पूर्ण प्रश्न सामने आ खड़े हुए हैं और मैं यह सोचने पर विवश हो गई हूँ कि इस समय से हमने क्या सीखा? हमने जीवन को जिस तरह जीना सत्य मान लिया था, क्या वह सही था? उतना ही था? ऐसे कई प्रश्न इस समय ह्रदय को उद्वेलित कर रहे हैं. पहली बात जो मस्तिष्क को झिंझोड़ रही है वह ये कि क्या अब हम पहले से बेहतर मनुष्य हो गए हैं? तो जवाब मिलता है कि किसी के भी व्यक्तित्व में दृष्टमान परिवर्तन इतनी आसानी से नहीं होते! एक ही झटके में सारे बुरे लोग अच्छे नहीं हो सकते और न ही सबमें सामूहिक मानवता जाग सकती है. ईर्ष्या-द्वेष, घृणा की राजनीति और समाज में दुर्भावना फैलाने वाले लोगों में भी सेंसेक्स की तरह भीषण गिरावट नहीं आई ....

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इस अंक में ......

आवरण: के. पी. अनमोल

हस्ताक्षर
कविता-कानन
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कथा-कुसुम
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जो दिल कहे
ख़ास-मुलाक़ात
भाषांतर
स्मृति
मूल्यांकन
धरोहर
ख़बरनामा
व्यंग्य
हाइकु
उभरते स्वर
बाल-वाटिका
ज़रा सोचिए!
हिंदी साहित्य का आदिकाल
'अच्छा' भी होता है!
संस्मरण
फ़िल्म समीक्षा
जयतु संस्कृतम्
धारावाहिक