प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित
अगस्त 2017
अंक -52

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

तकनीक की दुनिया

यह हैशटैग हैशटैग क्या है?
 


आपने फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम आदि पर # के निशान के साथ कुछ शब्द लिखे देखे होंगे, जैसे #balendu
क्या हैं ये और क्यों इस्तेमाल करते हैं लोग इन्हें?

हैशटैग का पहला हिस्सा हैश एक निशान (#) की तरफ संकेत करता है- और दूसरा हिस्सा है टैग यानी किसी चीज़ को एक ख़ास शब्द के साथ जोड़ना। फ़ेसबुक में आप टैगिंग करते ही हैं ना! किसी इंसान को या किसी पेज को। लेकिन टैग किसी भी चीज़ को किया जा सकता है- किताब, घटना, ख़याल, जगह, कोई अवधारणा, ख़बर आदि आदि।

जब आप किसी शब्द को हैशटैग की तरह अपनी टिप्पणी में इस्तेमाल करते हैं तो उस टिप्पणी को एक ख़ास पहचान मिल जाती है, या यूँ कहें कि वह एक ख़ास श्रेणी में शामिल हो जाती है। जैसे आपने #भारतचीनटकराव हैशटैग का प्रयोग किया तो ऐसी तमाम टिप्पणियाँ जिनमें यह हैशटैग इस्तेमाल हुआ है, एक श्रेणी में गिनी जाएंगी। ट्विटर या फेसबुक आदि पर कोई इस नाम से सर्च करेगा तो ये टिप्पणियाँ दिखाई देंगी। भले ही टिप्पणियाँ दुनिया भर में कहीं भी, किसी ने भी डाली हों और उनका एक-दूसरे से कोई संबंध नहीं हो, लेकिन वे इस श्रेणी में शामिल हो जाएंगी। इसका इस्तेमाल करके आप एक खास बिंदु पर चल रही बहस में शामिल हो सकते हैं। इसका इस्तेमाल करके आप उन लोगों की मदद करते हैं, जो किसी ख़ास विषय या बिंदु पर टिप्पणियों की खोज कर रहे हैं। आप अपना ख़ुद का हैशटैग बना सकते हैं या फिर पहले से प्रचलित हैशटैग का इस्तेमाल कर सकते हैं।



कुछ याद रखने की बातें-

1. हैशटैग में स्पेस (खाली स्थान) का इस्तेमाल नहीं होता।
2. अगर हैशटैग लंबा और अपठनीय हो तो उसमें हर शब्द के पहले अक्षर को कैपिटलाइज कर दीजिए, जैसे #IndiaChina. हिंदी में इस चुनौती का समाधान नहीं दिखता। हाँ, शब्दों के बीच में अंडरस्कोर (_) का इस्तमाल एक बेहतर विकल्प है।
3. आपकी पोस्ट में हैशटैग किसी भी स्थान पर आ सकते हैं, शुरू में, बीच में, अंत में, कभी भी.. फिर भी वे उस श्रेणी में गिने जाएंगे।
4. अगर आप एक ही टिप्पणी में एक से ज्यादा हैशटैग इस्तेमाल करते हैं तो वह उन सभी श्रेणियों की खोज के दायरे में शामिल हो जाएगी, यानी एक ही टिप्पणी कई श्रेणियों में गिनी जाएगी।


- बालेन्दु शर्मा दाधीच
 
रचनाकार परिचय
बालेन्दु शर्मा दाधीच

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