प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित
मई 2016
अंक -53

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

हायकु

'माँ' पर कुछ हायकु


ममता मूर्ति
सभी को सँवारती
दाह दिखाती



उर्जा जगाती
वात्सल्य प्रेममूर्ति
कष्ट छुपाति



बिना तुम्हारे
अस्तित्व नही मेरा
करो उद्धार



हे महतारी!
तुम मेरा सहारा
मेरा किनारा



तुम करूणा
पूप स्वरूप दिया
तुम चट्टान



त्याग की मूर्ति
गतिशील रहती
सदा हँसती



माँ के समान
जगत मे न कोई
पीड़ा सहती



माँ मैं बनूँ
तुम्हारी हर पीड़ा
टीस की दवा



माँ के बिना
हमेशा सूना-सूना
मन आँगन



माँ का अंक
है निज सिंहासन
अमृत पान


- डॉ. अम्बुजा मलखेडकर
 
रचनाकार परिचय
डॉ. अम्बुजा मलखेडकर

पत्रिका में आपका योगदान . . .
हाइकु (1)पिरामिड (1)