सितम्बर 2015
अंक - 7 | कुल अंक - 54
प्रज्ञा प्रकाशन, सांचोर द्वारा प्रकाशित

प्रधान संपादक : के.पी. 'अनमोल'
संस्थापक एवं संपादक: प्रीति 'अज्ञात'
तकनीकी संपादक : मोहम्मद इमरान खान

कैसे उड़ता है हवाई जहाज : मोहम्मद इमरान खान

 

 

हाल ही में मलेशिया का एक यात्री विमान (flight MH 370) 8 मार्च को उड़ान के कुछ समय बाद आश्चर्यजनक रूप से गायब हो गया जिसमे 239 व्यक्ति सवार थे. यह विमान बोईंग 777 विमान था. माना जा रहा है कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और समुद्र में कही गिर गया. विमान की खोज के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास किये जा रहे हैं, इस कार्य में उपग्रहों की मदद ली जा रही है. तोही विमानों व सोनार का प्रयोग किया जा रहा है परन्तु अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है. शायद कहीं विमान का मलबा मिले और उसके ब्लैक बॉक्स से दुर्घटना के कारणों का पता लग सके. आओ इस बार हम जानें विमान आखिर हवा में उड़ता कैसे है?
हवाई जहाज का इंजन की वजह से नहीं बल्कि अपने पंख के आकार की वजह से उड़ पाना सम्भव हो पाता है. पंख की इस विशेष बनावट को एरोफाइल कहते हैं. इस एरोफाइल की विशेषता यह है कि पंख के ऊपर और नीचे से गुजरने वाली हवा को पीछे जाकर एक ही समय पर मिलने के लिये ऊपर से होकर जाने वाली हवा को नीचे से होकर जाने वाली हवा से तेज़ चलना पड़ता है. वायु की गति जितनी तेज़ होती है उसका दबाव उतना ही कम होता है।
 पंख के ऊपर वाले भाग में वायु का दाब, नीचे वाले भाग की तुलना में कम होगा, जिससे पंख ऊपर उठने को बाध्य होंगे. वायुदाब के अन्दर द्वारा उत्पन्न वह बल जिस के कारण वायुयान ऊपर उठने को मजबूर हो जाता है, उत्थापक बल कहलाता है। इंजन का काम तो होता है वायुयान की तेजी के साथ वायु के बीच से गुजारना ताकि उत्थापक बल द्वारा यह ऊपर उठाया जा सके. इसी बल को उत्पन्न करने के लिए हवा में उड़ने से पूर्व हवाई जहाज रनवे पर तेजी से भगाया जाता है. एक निश्चित वेग पर उत्थापक बल का मान इतना अधिक हो जाता है कि वह वायुयान के भार से अधिक हो जाता है और वायुयान हवा में उड़ने लग जाता है.
जैसा कि हमने देखा उत्थापक बल उत्पन्न करने के लिए वायु तेज गति से हवाई जहाज के पंख से गुजरनी चाहिए अतः हवाई जहाज अपनी पूरी उड़ान के दौरान तेज गति से उड़ता रहता यहाँ तक कि हवाई अड्डे पर उतरते समय भी काफी तेज गति से रन वे को स्पर्श करता है. इसके लिए हवाई अड्डे पर रनवे का निर्माण किया जाता है. नौसेना में प्रयुक्त किये जाने वाले विमानवाहक पोत में भी लड़ाकू विमानों के लिए रनवे बनाया जाता है. यद्यपि पोत के रनवे की लम्बाई काफी कम होती है. यही कारण है कि इस रनवे पर विमान उतारना बहुत जोखिम भरा होता है पायलट इस कार्य को बेहद सावधानी से करते हैं. हवाई जहाज, हेलीकाप्टर की तरह हवा में एक स्थान पर स्थिर नहीं रह सकता.


- मोहम्मद इमरान खान